कल्याणपुर: एक नजर

आदर्श और एतेहासिक गाँव  है पालीगंज का कल्याणपुर

कल्याणपुर बिजली आपूर्ति की बाधा से जूझ रहा है. गाँव में सरकार की ओर से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है. राशन वितरण की सुचारू स्थिति नहीं है. बेकारी की समस्या से गाँव हमेशा ग्रस्त रहा है. मनरेगा और स्वास्थ्य केन्द्र के संचालन की बड़ी बाधा कायम है. लोगों को चिकित्सा के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है. गाँव संकरा है और लोगों के पास रहने के लिए पर्याप्त भवन नहीं है. प्रायः लोग छोटे भवन में ही गुजारा करते हैं. प्रायः गाँव का हर भवन चार-पांच लोगों के रहने के लिए बने हैं और अधिकांश भवनों के पास विस्तार के लिए जगह नहीं हैं. पंचायत से लेकर संसद तक इस गाँव को कोई समर्पित जनप्रतिनिधि नहीं मिला है. सड़कें जर्जर हैं. नदी-नालों के बाँध टूट चुके हैं और उसे मरम्मत नहीं कराया जाता. कई स्थानों पर आहर बीस-पच्चीस वर्षों से टूटा है. गाँव के मुख्य मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त है और किसी भी समय दुर्घटना का गवाह बन सकता है. उषा विद्यार्थी के काल में भी इस पुल या सड़क का मरम्मत नहीं हुई. जयवर्धन यादव की भी चुप्पी नहीं टूटी है. लगभग 600 मीटर की सड़क डेढ़ वर्ष पूर्व बनी है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान है. किसानों की जमीन से काफी मिट्टी निकालकर उनके खेतों को तालाब में तब्दील कर दिया गया है. 

 

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