क्या हृदयविदारक घटनाओं पर महज मातमपुर्सी के लिए है पालीगंज पुलिस: बी. बी. रंजन.

जांचोपरांत जो भी कार्रवाई हो, लेकिन जानलेवा विवाद को रोकने में पूरी तरह विफल रही है पालीगंज पुलिस. जाम की समस्या से निजात का भी प्रशासनिक स्तर पर कोई समाधान नहीं किया जा सकता है और न ही कोई सुगबुगाहट देखी गयी है. पालीगंज में पार्किंग की समस्या से निजात की जरूरत है. जाम से लोगों का चलना दूभर है. पालीगंज एक्सप्रेस इस समस्या को लगातार उठाते रहा है.
Image may contain: 1 personलोगों का कहना है कि पालीगंज पुलिस की सक्रियता विवाद को नियंत्रित कर सकती थी. मामले पर पालीगंज के थानाध्यक्ष से संपर्क कर जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो 9:01 बजे थानेदार सुबोध कुमार 1 मिनट 11 सेकण्ड तक स्पष्ट बोलने से बचते रहे और कॉल काट दिया. ‘हर चीज को भूलो भले, माँ-बाप को मत भूलना’ के रिंगटोन से स्वागत करनेवाला पालीगंज के थानेदार के मोबाइल पर  फिर कई निरूत्तर रिंग गए . पुनः 9:59 बजे थानाप्रभारी ने कहा कि अनुसंधान में हैं, इसलिए अभी कुछ नहीं कह सकते.पालीगंज पिलिस के बोबिले नंबर 9431800114 पर भी कई ब्लैंक  रिंग गए. 

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