नौबतपुर में दम्पति का दफ़न हुआ इतिहास —*** बी. बी. रंजन.

Naubatpur 1एफआइआर, जांच, छापेमारी और खलास, ऐसा ही है 27 वर्षों से नौबतपुर का इतिहास. 

 

 

 

 


naubatpur 2 गलियारों की खबरों पर भरोसा करें तो नौबतुर के अपराधियों को प्रारम्भिक दौर से ही राजनीतिज्ञों का संरक्षण प्राप्त रहा है. नौबतपुर के कई राजनीतिज्ञों ने अपनी प्रभुता कायम करने के लिए कई नवयुवकों को अपराध की दुनियाँ में धकेला. कई ईंट भट्ठेदारों ने अपनी व्यापारिक बढ़त के लिए  कम उम्र के बच्चों को अपराध की चकाचौंध में धकेलने की रस्म पूरी की. आज अपराध नौबतपुर का कल्चर बन चुका है.


नौबतपुर में न पुलिस है, न प्रशासन है, न सरकार है, वहां आपराधियों की समानांतर सरकार  है. 

लूलन शर्मा की हत्या, तरारी में दो युवकों का खात्मा, शिवम्र मिष्टान से रंगदारी का मामला, निर्दोष रंजन की अमरपुरा बाजार में दिनदहाड़े हत्या, इस सप्ताह छोटी कोपा में दीपू की हत्या, वीरपुर के अभय के साथ प्रखंड परिसर के पास जबर्दस्त मारपीट व प्रतिशोध में पत्रकार के घर पर गाली-गलौज और आज फरीदपुरा में दिनदहाड़े वृद्ध दम्पति की नृशंस हत्या से नौबतपुरवासियों का रूह काँप गया है. ताबड़तोड़ जारी हत्याओं के दौर से नौबतपुर में प्रशासनिक हनक फीकी पड़ गयी है.  नौबतपुर के लोग पूरी तरह असुरक्षित महसूस करने लगे हैं. 

नौबतपुर में पुलिस की लगातार विफलता और प्रशासनिक नकारेपन से पहले नौबतपुर की आधी आबादी भयभीत थी, लेकिन आज एक महिला की हत्या के बाद पूरी आबादी सहम गयी है. नौबतपुर में न पुलिस है, न प्रशासन है, न सरकार है. वहां अपराधियों की समानांतर सरकार है. नौबतपुर क्षेत्र में हर तरह के अपराधी मौजूद हैं. कहीं भी किसी की पिटाई हो सकती है, किसी भी क्षण किसी के साथ छेड़खानी हो सकती है, किसी का काम खल्लास हो सकता है . जीवन बीमा निकलवाने की धमकी का केंद्र है नौबतपुर. सुशासन की सरकार शिथिल है, प्रशासन विफल है, पुलिस निष्क्रिय है और जन-जागरूकता बकवास है, क्योंकि अपराधियों का महिमामंडन जारी है. शांतिप्रिय लोग हासिये हैं. 

पचम, बड़का रविन्द्र, छोटका रविन्द्र, सरोज, पंचम, दिलीप, लूलन, छोटन जैसे कई अपराधियों की पनाहगार रहा है नौबतपुर. आज ऊपर वर्णित लोग दुनियाँ में नहीं है, लेकिन अंडरवर्ल्ड खाली नहीं है. पिछले सताईस वर्षों में पटना पुलिस और जिला प्रशासन नौबतपुर में शान्ति स्थापित नहीं कर सका. गलियारों की खबरों पर भरोसा करें तो नौबतुर के अपराधियों को प्रारम्भिक दौर से ही राजनीतिज्ञों का संरक्षण प्राप्त रहा है. 

बहरहाल संपत्ति विवाद में नौबतपुर के फरीदपुर गाँव में एक वृद्ध दम्पति कि दिनदहाड़े हत्या हो गयी है. अब प्रशासन कार्रवाई में जुटा है. थानेदार के मोबाइल पर संपर्क की हमारी लगातार पांच कोशिशें बेकार गयीं हैं. 

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