पालीगंज: शिक्षा के मामले में फिसड्डी

नामांकन से पहले पालीगंज एक्सप्रेस पर देखें इन संस्थानों की इनसाइड स्टोरी 

स्तरीय कॉलेजों, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के मामले में फिसड्डी रहा है पालीगंज. कहने को तो यहाँ सीबीएसई से मान्यताप्राप्त स्कूल भी हैं, एफिलिएटेड कॉलेज भी हैं, अनेकों जुमलों से पटे लहराते होर्डिंग्स वाले कोचिंग संस्थान भी हैं. स्टार नहीं है. गुणवत्ता का आभाव है. सरकार के द्वारा निर्धारित मापदण्ड को किसी भी संस्थान ने नहीं अपनाया है. शिक्षकों का स्टार घटिया है, संस्थान की ओर से छात्रों को दी जानेवाली सुविधायें स्तरहीन हैं, नामांकन सीमा से अधिक है. कई सीबीएसई स्कूलों के वेबसाइट पर अंकित पर शिक्षकों के नाम और पठन-पाठन में संलग्न शिक्षकों के नामों में पूरा फर्क है. अध्यापनरत शिक्षकों के पास आज तक नियुक्तिपत्र नहीं हैं. किसी भी अध्यापनरत शिक्षक की सेवा का अब तक कन्फर्मेशन नहीं हुआ. निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप प्रयोगशाला नहीं है. छात्रों की प्रायोगिक जानकारी दी ही नहीं जाती. बसों में छात्र ठूंस कर ढोए जाते हैं. शिक्षकों को कम तनख्वाह दिया जाता है. चेक और पंजियों पर तो भुगतान करते वक्त सीबीएसई नॉर्म्स का ध्यान रखा जाता है, लेकिन शिक्षकों के खता से फिर एक निर्धारित मोटी राशि की निकासी मैनेजमेंट के द्वारा कर ली जाती है. यह कालाधन है जिसपर कोई आयकर नहीं दिया जाता. हर माह यह मैनेजमेंट की अघोषित आय है. सिर्फ एक मापदण्ड को पूरा किया जाता है. छात्रों की फीस पर्याप्त है. बस भाड़ा में कोई कॉप्रोमाइज नहीं है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *