बुनियादी समस्याओं से निजात से भागता पालीगंज का नेतृत्व: बी. बी. रंजन.

Image may contain: 1 person, outdoorबुनियादी समस्याओं से निजात से भागता पालीगंज का नेतृत्व. अनावश्यक उपलब्धियों को गिनाकर पालीगंज की जनता को बेवकूफ बनाने की राजनीति पर विराम की जरूरत है. पालीगंज की जनता को घोटालेबाजी और फैले भ्रष्टाचार पर जबाब चाहिए. जनता की ठठरी और जनप्रतिनिधियों के ठाट का हिसाब चाहिए. मेरा मानना है कि जनता को बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है. बंद कीजिये ढ़िढ़ोरेबाजी, धरातल पर आइये, सपनों का पालीगंज बनाइये: बी. बी. रंजन.

Image may contain: 1 personहमें नियमित चलनेवाले स्वास्थ्य उपकेन्द्रों की सूची चाहिए. हमें गाँवों को जोड़नेवाली सडकों की दुर्दशा से निजात की बानगी चाहिए. हमें नियमित रूप से चलायमान पशुचिकित्सालयों का उदहारण चाहिए. हमें सुव्यवस्थित सरकारी विद्यालयों की रिपोर्ट चाहिए. हमें बिचौलियामुक्त धान क्रयकेंद्र की जरूरत है. हमें फर्जी और जानलेवा नर्सिंग होम्स से मुक्ति की जरूरत है. हमें सुचारू जनवितरण केन्द्रों की जरूरत है. विकसित पालीगंज एक लिए कानून का राज की जरूरत है. प्रशासनिक चुश्ती किसी भी क्षेत्र के आवश्यक तत्वं हैं. पालीगंज बाजार में जाम की समस्या से निजात के सर्वांगीण लाभ हैं. महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था जनहितैषी समस्या है. प्रतिनिधियों के जेहन से जातिविहीन सोच आवश्यक लोकतांत्रिक शर्त है. कार्यालयों से फरार रहनेवाले बाबूओं की सुनिश्चित उपस्थिति की जरूरत है. शिक्षण-संस्थानों में लूटते छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को राहत की चाह है. पंजीयन, परीक्षा-प्रपत्र और प्रैक्टिकल में वसूली का हाल सर्वविदित है. सारे मसलों पर हमारे तथाकथित जनसेवक मौन हैं.
Image may contain: house, sky and outdoorअनावश्यक उपलब्धियों को गिनाकर पालीगंज की जनता को बेवकूफ बनाने की राजनीति पर विराम की जरूरत है. हमारा अनुमंडलीय अस्पताल 100 बेड का नहीं हो पाता, अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता और पोस्टिंग सुनिश्चित नहीं हो पाती, लेकिन हम निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्थापित अल्ट्रासाउंड का क्रेडिट लेते हैं. एलआइसी के कार्यालय की डफली बजाकर अपनी विफलता पर पर्दा डालते हैं. शादी-ब्याह, श्रद्धा-कर्म, मंदिरों में पूजा, यज्ञ-अनुष्ठान और जन्मदिन में उपस्थिति दर्शाकर अपनी निष्ठां और कर्तव्यपरायणता का एहसास करते हैं.
No automatic alt text available.पशु-चिकित्सक स्थायी रूप से फरार है, सड़कें जर्जर हैं, लेकिन हम कार्यक्रमों में सड़क निर्माण की योजनाओं का ख्वाबी पुलाव पटाते हैं. हमारे प्रतिनिधि केंद्र की योजनाओं और निर्णयों को अपनी उपलब्धि बताते नहीं अघाते, लेकिन राज्य सरकार से कुछ भी सकारात्मक निर्णय करा पाने में फेल्योर रह जाते हैं. मैं पालीगंज की दुर्दशा के लिए कोसूं या फर्जी उपलब्धियों के लिए क्रेडिट दूँ, आप ही बताइए.

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