रकसिया-कल्याणपुर-मसौढ़ा पथ का जीर्णोधार जरूरी: मंजूषा

  एस एच 61 को एन एच 98 से जोड़नेवाली यह सड़क   पटना से औरंगाबाद को जोड़ती है.  एक लाख की आबादी परेशान: मंजूषा  

पांच वर्षों के रख-रखाव की जिम्मेदारी के साथ निर्मित रकसिया-कल्याणपुर-मसौढ़ा पथ जर्जर हो चुका है. सड़क तो ढाई साल के अन्दर ही टूट चुकी थी, लेकिन मामूली मरम्मत कर सड़क को कामचलाऊ बना दिया गया था. सड़क के अन्दर की बिछाई तो मामूली थी. काली पट्ठी के नाम पर अलकतरा और महीन गिट्टी तो महज चटा दिया गया था. पहले दिन से ही अलकतरा की जगह महीन गिट्टी का पतला अंश दिखाई देता था और  कई स्थानों पर बड़ी गिट्टी साफ़ झलकती थी. कार्य एक बाहुबली के जिम्मे था और कुछ चापलूस किश्म के मुंशी-मैनेजर देखरेख को नियुक्त थे. यह कहना है जनसेवा और राजनीति से जुड़ी कल्याणपुर की मंजूषा का. 

बकौल मंजूषा एस एच 61 को एन एच 98 से जोड़नेवाली यह एक महत्वपूर्ण सड़क है. पचासों गाँव के लोग इससे लाभान्वित हैं. मसौढ़ा से कल्याणपुर और फिर कल्याणपुर से रकसिया तक की लगभग  10 किलोमीटर लम्बी इस सड़क का जीर्णोधार नहीं हो रहा है. पिछली बार भी सताधारी दल की विधायक थीं. इस बार भी सत्ताधारी दल के विधायक हैं. क्षेत्र के सांसद रामकृपाल यादव केन्द्रीय मंत्री हैं. लेकिन पालीगंज का एक महत्वपूर्ण मार्ग उपेक्षित है. इस मार पर कई जगहों पर मिटटी जमा है और हादसा की प्रबल संभावना है. क्षेत्र उग्रवाद प्रभावित है लेकिन तंत्र लापरवाह है. मंजूषा ने इस सड़क के जीर्णोधार पर बल दिया है. 

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